रिलायंस रिटेल: वैश्विक बाजार में एक बड़ी छलांग
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने अपनी 47वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान कई अहम घोषणाएं कीं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण यह रही कि रिलायंस रिटेल अब ग्लोबल स्तर पर शीर्ष 5 खुदरा विक्रेताओं में शामिल हो गई है। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए कहा कि यह मील का पत्थर कंपनी की सामर्थ्य और उसके विस्तार की आकांक्षाओं को दर्शाता है।
रिलायंस रिटेल के पास वर्तमान में 19,000 से अधिक स्टोर्स का एक विशाल नेटवर्क है, जो कुल 79 मिलियन वर्ग फीट में फैला हुआ है। इसके साथ ही, कंपनी की बाजार पूंजीकरण और राजस्व की दृष्टि से भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 और शीर्ष 30 में अपनी मजबूत स्थिति है। वित्त वर्ष 2023-24 में रिलायंस रिटेल ने 3.06 लाख करोड़ रुपये (36.8 बिलियन डॉलर) का सकल राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.8% की वृद्धि है।
कंपनी का EBITDA 23,082 करोड़ रुपये (2.8 बिलियन डॉलर) रहा, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 28.4% अधिक है। साथ ही, नेट प्रॉफिट 11,101 करोड़ रुपये (1.3 बिलियन डॉलर) रहा, जो साल-दर-साल 21% की वृद्धि है।
भविष्य की योजनाएँ और विस्तार
रिलायंस रिटेल वेंचर्स की निदेशक इशा अंबानी ने बताया कि कंपनी अगले तीन से चार वर्षों में अपने राजस्व और EBITDA को दोगुना करने की योजना बना रही है। खासकर, किराना खंड में रिलायंस रिटेल सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला खुदरा विक्रेता है, जो आधुनिक व्यापार की दर से 2.5 गुना तेजी से विस्तार कर रहा है।
रिलायंस रिटेल ने लोकप्रिय ब्रांडों जैसे कि कैंपा, लोटस चॉकलेट्स, और सोसो को फिर से लॉन्च किया है, जो पहले ही सफल हो रहे हैं। इसके साथ ही, कंपनी लक्जरी और फैशन जुड़े आभूषणों में भी अपनी पकड़ मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है और मेट्रो इंडिया कैश & कैरी जैसी रणनीतिक अधिग्रहणों के माध्यम से अपनी ओमनी-चैनल क्षमताओं को बढ़ा रही है।
कंपनी ने अपने 4 मिलियन से अधिक पंजीकृत किराना भागीदारों के साथ आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण वेयरहाउस नेटवर्क की स्थापन की है। इसके अलावा, रिलायंस रिटेल अपनी बड़ी फॉर्मेट वाले रिलायंस डिजिटल स्टोर्स का विस्तार कर रही है और मोबाइल और लैपटॉप के लिए नई उत्पादकता-केंद्रित फॉर्मेट्स पेश कर रही है।
ब्रांड विस्तार और निवेश
रिलायंस रिटेल के ब्रांड संबंधी निवेशों ने भी इसे विभिन्न श्रेणियों में मजबूत स्थिति प्रदान की है। कंपनी ने कलानिकेतन, जिवामे, क्लोविया, अमांते, और अर्बन लैडर जैसे ब्रांडों में निवेश किया है, जिससे उसे विभिन्न श्रेणियों में मजबूत स्थिति प्राप्त हुई है।
रिलायंस के अपने ब्रांड, जैसे कि अवासा, नेटप्ले, और DNMX, ने 2,000 करोड़ रुपये की वार्षिक बिक्री का मील का पत्थर पार कर लिया है, जबकि जॉन प्लेयर्स और टीमस्पिरिट ने 1,000 करोड़ रुपये की बिक्री का आंकड़ा पार किया है।
संपूर्ण मिलाकर, रिलायंस रिटेल का यह विशाल विस्तार कंपनी के मजबूत आधार और व्यापक रणनीति का परिणाम है, जो इसे विश्व भर के खुदरा बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहा है।
10 टिप्पणि
Abhishek Rathore
अगस्त 30, 2024 AT 08:56 पूर्वाह्नये तो बड़ी बात है भाई। 19 हजार स्टोर्स? मैंने सोचा था रिलायंस केवल ऑयल और टेलीकॉम में ही है। अब तो हर गली में रिलायंस रिटेल का बोर्ड लगा है।
Rupesh Sharma
अगस्त 31, 2024 AT 10:24 पूर्वाह्नअसली बात ये है कि वो छोटे दुकानदारों को अपने साथ ले आए हैं। 40 लाख किराना पार्टनर्स? ये तो एक नया आर्थिक मॉडल है। जिस तरह से वो गांवों तक पहुंच रहे हैं, वो बड़ी बात है। अमेरिका के वाल्मार्ट को भी ये देखना चाहिए।
Jaya Bras
अगस्त 31, 2024 AT 13:58 अपराह्नअरे यार ये सब नंबर्स तो बस डिजिटल वालों के लिए हैं। असली जिंदगी में तो 80% लोग अभी भी बाजार में खरीदते हैं। ये सब ट्रेंड्स बस बुक्स में ही रह जाते हैं।
Arun Sharma
अगस्त 31, 2024 AT 20:11 अपराह्नइस तरह की वृद्धि के पीछे निवेशकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप यह नहीं भूलना चाहिए कि रिलायंस रिटेल का विस्तार अंततः शेयरधारकों के हितों के लिए ही हुआ है। यह एक व्यावसायिक निर्णय है, जिसे सामाजिक उद्देश्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Ravi Kant
सितंबर 1, 2024 AT 10:18 पूर्वाह्नहमारी संस्कृति में छोटे दुकानदारों का स्थान हमेशा से रहा है। अब जब रिलायंस ने उन्हें अपना भाग बना लिया है, तो ये एक नया युग है। हम अपनी परंपराओं को नहीं खो रहे, बल्कि उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ जोड़ रहे हैं।
Harsha kumar Geddada
सितंबर 2, 2024 AT 15:55 अपराह्नसोचिए अगर एक कंपनी इतनी बड़ी हो जाए कि उसके राजस्व का एक छोटा सा हिस्सा ही एक छोटे देश के बजट के बराबर हो जाए, तो उसकी नीतियां किस तरह से समाज को प्रभावित करती हैं? रिलायंस रिटेल अब सिर्फ एक कंपनी नहीं, एक अर्थव्यवस्था है। ये जो ब्रांड लॉन्च कर रहे हैं, वो लोगों की पहचान बन रहे हैं। अवासा, नेटप्ले, DNMX - ये नाम अब सिर्फ प्रोडक्ट नहीं, जीवनशैली हैं। और ये जो वेयरहाउस नेटवर्क है, वो गांवों से शहरों तक की आर्थिक धारा को बदल रहा है। ये तो किसी राष्ट्रीय परियोजना जैसा है।
sachin gupta
सितंबर 3, 2024 AT 10:28 पूर्वाह्नअरे यार, ये सब तो बस बड़े बॉस की शो बाजी है। मुकेश अंबानी के लिए ये सब बस एक नंबर है। लेकिन जिन लोगों के लिए ये स्टोर बन रहे हैं, उनकी जिंदगी क्या बदल रही है? क्या वो अपने बच्चों को अच्छा शिक्षा दे पा रहे हैं? ये सब बातें तो बस एक बैठक में बोल दी जाती हैं।
Shivakumar Kumar
सितंबर 5, 2024 AT 05:02 पूर्वाह्नये तो देश की ताकत का नमूना है। एक देश जहां एक आदमी अपने घर के बाहर एक दुकान खोलता है, और वो दुकान अब दुनिया के शीर्ष 5 में जा रही है। ये बात बहुत गर्व की बात है। अगर हम इसी तरह से अपनी छोटी-छोटी चीजों को बढ़ाएं, तो हम दुनिया को बदल सकते हैं।
saikiran bandari
सितंबर 5, 2024 AT 20:17 अपराह्नशीर्ष 5 बन गए तो क्या हुआ अब बाकी के 1995 देशों का क्या होगा जो अभी भी अपने लोगों को खाना नहीं दे पा रहे
Rashmi Naik
सितंबर 6, 2024 AT 02:57 पूर्वाह्नलोकल एक्सपेंडिचर ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल फ्रंट एंड इंटीग्रेशन के जरिए रिलायंस ने सप्लाई चेन को डिस्रप्ट कर दिया है। इसका स्केल इतना है कि ये एक नए इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है।