बुधवार की देर रात, पाकिस्तान भर में एक अफवाह ने आग लगा दी — इमरान खान की मौत। अफगानिस्तान टाइम्स नामक एक सोशल मीडिया हैंडल ने दावा किया कि रावलपिंडी के अदियाला जेल में उनकी हत्या कर दी गई है, और शव को छिपाने के लिए बाहर ले जा चुके हैं। अगली सुबह, जेल के बाहर हजारों लोग जमा हो चुके थे। लोगों के चेहरे पर डर था, गुस्सा था, और एक गहरी अनिश्चितता। लेकिन जब अदियाला जेल प्रशासन ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी किया, तो सबका दिल थोड़ा आराम से धड़का — इमरान खान जिंदा हैं। स्वस्थ हैं। जेल के अंदर ही हैं।
अफवाह का असली दर्द: परिवार को मिलने की अनुमति नहीं
लेकिन यह बयान अफवाह को नहीं रोक पाया। क्यों? क्योंकि असली समस्या तो यह थी — इमरान खान की बहनें, अलीमा खान और अन्य परिवारजन, उनसे मिलने के लिए जेल के बाहर खड़े थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिल रही थी। और जब वे विरोध करने लगीं, तो उन पर जेल प्रशासन के अधिकारियों ने मारपीट कर दी — यह आरोप बहनों ने खुद लगाया है। कोई फोन कॉल नहीं। कोई वकील नहीं। कोई निजी डॉक्टर नहीं।
फैसल जावेद खान, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता, ने ट्वीट किया: "तीन सप्ताह से इमरान खान किसी से भी संपर्क नहीं कर पा रहे। बच्चों से भी बात नहीं कर सकते। यह कारावास नहीं, अपराध है।" यह बात सिर्फ एक नेता की शिकायत नहीं, बल्कि एक लोकतंत्र के लिए चेतावनी है।
जेल में क्या हो रहा है? एकांत या डेथ सेल?
इमरान खान को मई 2023 में नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया था। उसके बाद तोशाखाना, साइफर, निकाह इद्दत — चार मामलों में उन्हें कुल 34 साल की सजा हुई। लेकिन यह सब जेल के बाहर की बात है। अंदर की बात अलग है।
उनकी बहनों का दावा है कि उन्हें "डेथ सेल" में रखा गया है — वही कोना जहां आतंकवादियों को रखा जाता है। अकेलापन, अंधेरा, ठंड, और निरंतर निगरानी। इमरान खान को वर्टिगो और टिनिटस की बीमारियां हैं। एक कान से सुनने की क्षमता लगातार घट रही है। फिर भी, उन्हें डॉक्टर नहीं दिखाया जा रहा।
क्या यह अनुमति की कमी है? या इरादतन अत्याचार? कोई नहीं जानता। लेकिन एक बात साफ है — जब एक पूर्व प्रधानमंत्री को उसके परिवार से इतना दूर कर दिया जाए, तो लोग अफवाहों में भाग लेने लगते हैं।
आर्मी और ISI की साजिश? या सिर्फ डर?
अफवाहों के पीछे तीन सिद्धांत चल रहे हैं। पहला — इमरान खान की सेहत बहुत खराब है, और जेल प्रशासन उसे छिपा रहा है। दूसरा — आर्मी चीफ आसिम मुनीर और ISI ने उन्हें हटाने की साजिश रची है। तीसरा — उन्हें किसी गुप्त स्थान पर ले जा चुके हैं।
इमरान खान ने पहले भी कहा था कि ISI उनकी हत्या की योजना बना रहा है। उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव के बाद से लगातार यही दावा किया है। लेकिन आज, जब उनकी मौत की अफवाह फैली, तो यह डर असली हो गया। लोग उनके बारे में नहीं, बल्कि अपने भविष्य के बारे में डर रहे हैं।
क्या होगा अब? मुख्यमंत्री की मुलाकात का इशारा
लेकिन एक रोशनी की किरण भी है। सोहेल अफरीदी, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री, ने घोषणा की कि वे इमरान खान से मुलाकात करने जा रहे हैं। यह एक बड़ा संकेत है। अगर एक राज्य के मुख्यमंत्री, जो PTI के खिलाफ हैं, वह भी मुलाकात के लिए तैयार हैं, तो क्या सरकार को अब भी इमरान को छिपाने की जरूरत है?
जेल प्रशासन ने कहा कि वे शांति बनाए रख रहे हैं। लेकिन शांति का मतलब अकेलापन नहीं, बल्कि जवाबदेही है। अगर इमरान खान जिंदा हैं, तो उन्हें एक डॉक्टर, एक वकील, एक बहन से मिलने दें। अगर वे मर चुके हैं, तो शव दिखाएं। कोई भी बीच का रास्ता अब नहीं चलेगा।
इमरान खान का जेल इतिहास: एक न्याय का नक्शा
- 6 मई 2023: अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तारी
- अगस्त 2023: तोशाखाना केस में 3 साल की सजा + 5 साल चुनाव पाबंदी
- जनवरी 2024: साइफर केस में 10 साल की सजा
- जनवरी 2024: तोशाखाना के दूसरे मामले में 14 साल की सजा
- फरवरी 2024: निकाह इद्दत केस में 7 साल की सजा
कुल 34 साल। एक ऐसे व्यक्ति के लिए जो कभी एक नेता था, जिसने देश को बदलने का वादा किया था। अब वह एक कोने में बंद है। और देश उसके बारे में अफवाहों के बीच घूम रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इमरान खान अभी जेल में हैं या नहीं?
अदियाला जेल प्रशासन ने 27 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से खंडन किया है कि इमरान खान जेल में हैं और स्वस्थ हैं। हालांकि, उनके परिवार और PTI नेताओं का दावा है कि उन्हें पूरी तरह से अकेले रखा गया है, जिससे अफवाहों को जन्म मिला। अभी तक कोई तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है, जिससे संदेह बना हुआ है।
क्यों इमरान खान को उनके परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही?
जेल प्रशासन ने इसकी कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई। लेकिन बहनों का आरोप है कि उन्हें मिलने आने पर मारपीट की गई और बाहर निकाल दिया गया। PTI के अनुसार, इमरान को तीन सप्ताह से किसी से भी संपर्क नहीं हो रहा। यह न्यायिक प्रक्रिया के नियमों के खिलाफ है, जो बंदी को परिवार और वकील से मिलने का अधिकार देते हैं।
क्या इमरान खान की सेहत खराब है?
हां। इमरान खान को वर्टिगो और टिनिटस जैसी बीमारियां हैं, जिससे उनका एक कान लगातार खराब हो रहा है। उन्हें नियमित चिकित्सा की आवश्यकता है। लेकिन जेल में उन्हें इसके लिए कोई डॉक्टर नहीं मिल रहा। यह उनकी जीवन यापन की अनिवार्य आवश्यकता है, न कि एक राजनीतिक उपहार।
क्या ISI और आसिम मुनीर ने उनकी हत्या की साजिश रची?
कोई साक्ष्य नहीं है। लेकिन इमरान खान ने पहले भी बार-बार आरोप लगाए हैं कि ISI और आसिम मुनीर ने उनकी निकासी के लिए साजिश रची। अफवाह के बाद यह डर बढ़ गया है। लेकिन इस तरह के आरोपों को अनुसंधान और तथ्यों से साबित किया जाना चाहिए, न कि भावनाओं से।
क्या सोहेल अफरीदी की मुलाकात का कोई मतलब है?
हां। सोहेल अफरीदी PTI के खिलाफ हैं, लेकिन फिर भी वे मुलाकात की घोषणा कर रहे हैं। यह एक सामाजिक संकेत है — यह दर्शाता है कि यह मामला अब सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि मानव अधिकारों का भी मुद्दा बन गया है। अगर एक विरोधी नेता भी इतना जिम्मेदारी से कदम उठा रहा है, तो सरकार को भी अपनी बात जारी रखनी चाहिए।
अगला कदम क्या होगा?
अगला कदम एक तथ्य-आधारित जांच होना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठनों, लाल चिह्न समिति या यहां तक कि पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट को इमरान खान की वर्तमान स्थिति की जांच करने के लिए एक निष्पक्ष टीम भेजनी चाहिए। अगर वे जिंदा हैं, तो उन्हें न्याय का अधिकार दें। अगर नहीं, तो शव दिखाएं। कोई भी बीच का रास्ता अब नहीं चलेगा।
19 टिप्पणि
jay mehta
नवंबर 29, 2025 AT 00:48 पूर्वाह्नये सब अफवाहें तो बस डर की बनावट हैं! जेल में बंद हैं तो बंद हैं, लेकिन इतना डर क्यों? अगर वो जिंदा हैं तो उनकी तस्वीर डाल दो, अगर नहीं तो शव दिखा दो! इतना छिपाना क्यों? ये लोग तो अपने आप को ही गुनहगार बना रहे हैं!
Amit Rana
नवंबर 30, 2025 AT 16:59 अपराह्नइमरान खान के परिवार को मिलने नहीं देना एक न्यायिक अपराध है। कोई भी बंदी, चाहे वो कोई भी हो, अपने परिवार और वकील से मिलने का अधिकार रखता है। ये नियम दुनिया भर में माने जाते हैं। इसका उल्लंघन करना लोकतंत्र के खिलाफ है।
Rajendra Gomtiwal
दिसंबर 2, 2025 AT 06:24 पूर्वाह्नइमरान खान को गिरफ्तार करना सही था। उसने देश का नाम खराब किया, भ्रष्टाचार किया, और फिर अब शिकायत कर रहा है? जेल में बैठा है तो शांत रहे, अफवाहें फैलाने की कोशिश मत करे। हमारी सेना और ISI देश की रक्षा कर रही है, न कि किसी की हत्या की साजिश।
Yogesh Popere
दिसंबर 3, 2025 AT 05:58 पूर्वाह्नये बहनें जो जेल के बाहर रो रही हैं, वो भी बहुत बड़े नहीं हैं। अगर उनका भाई बर्बरी कर रहा है तो उसके लिए रोना क्यों? जेल में जाना है तो जाओ, लेकिन देश के लिए नहीं बल्कि अपने लिए सोचो।
Manoj Rao
दिसंबर 4, 2025 AT 21:57 अपराह्नये सब एक बड़ी साजिश है... आसिम मुनीर ने ISI के साथ मिलकर एक ऐसी योजना बनाई है जिसमें इमरान को धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है... वर्टिगो और टिनिटस? ये सिर्फ बचाव का ढोंग है... वो असल में जहर खा रहा है... और जेल के अंदर एक ऐसा कमरा है जहां वो एक अज्ञात रसायन के साथ अकेला रखा गया है... जिसका नाम भी नहीं दिया जाता... ये वो तकनीक है जिसे अमेरिका ने गुआंतानामो में इस्तेमाल किया था... और अब ये पाकिस्तान में हो रहा है... ये एक नया युग है... जहां न्याय का नाम लेकर अत्याचार होता है...
Alok Kumar Sharma
दिसंबर 6, 2025 AT 21:09 अपराह्नइमरान खान को जेल में रखना सही है। उसने देश को धोखा दिया। अब उसकी सेहत की परवाह क्यों? वो नहीं चाहता था कि देश आगे बढ़े। वो तो अपने आप को बचाना चाहता था।
Tanya Bhargav
दिसंबर 8, 2025 AT 13:52 अपराह्नइमरान की बहनों का दर्द समझ सकती हूँ... एक बहन के लिए भाई का अनुपस्थित होना बहुत बड़ा दर्द होता है... और अगर वो बीमार हैं तो तो ये बहुत दुखद है... देश को इन लोगों को मिलने देना चाहिए... बस इतना ही... बिना राजनीति के...
Sanket Sonar
दिसंबर 9, 2025 AT 19:19 अपराह्नजेल प्रशासन की अनिश्चितता अफवाहों को जन्म देती है। एक व्यक्ति की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक डेटा नहीं है, तो लोग अपने डर के आधार पर अनुमान लगाने लगते हैं। यह एक सामाजिक संकट है, न कि केवल राजनीतिक।
pravin s
दिसंबर 10, 2025 AT 07:57 पूर्वाह्नअगर इमरान खान जिंदा हैं तो एक वीडियो जरूर डाल दो... बस एक छोटा सा वीडियो... जिसमें वो अपने हाथ से पानी पी रहे हों... बस इतना ही... ताकि लोगों को शांति मिल जाए...
Bharat Mewada
दिसंबर 10, 2025 AT 12:48 अपराह्नइमरान खान का इतिहास एक अद्भुत उदाहरण है कि कैसे एक नेता जो लोगों के दिल जीत लेता है, वही आज एक बंदी बन जाता है। ये सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक पूरे समाज का दर्द है। जब न्याय का अर्थ बदल जाए, तो लोग अफवाहों में भाग लेने लगते हैं।
Ambika Dhal
दिसंबर 12, 2025 AT 11:12 पूर्वाह्नइमरान खान ने अपने जीवन में बहुत गलतियाँ कीं। अब जब उसे जेल में डाल दिया गया, तो उसके समर्थक अब शिकायत कर रहे हैं? ये सब बहाने हैं। उसकी बहनें भी नहीं जानतीं कि उनका भाई कितना बदल गया है।
Vaneet Goyal
दिसंबर 13, 2025 AT 04:36 पूर्वाह्नइमरान खान को जेल में रखना न्याय का हिस्सा है। लेकिन उसे परिवार से अलग करना अनुचित है। ये न्याय नहीं, बल्कि दंड है। और दंड का उद्देश्य सुधार होना चाहिए, न कि तोड़ना।
Amita Sinha
दिसंबर 13, 2025 AT 19:54 अपराह्नये सब बहुत दुखद है 😢 इमरान खान एक बहुत बड़ा नेता था... अब वो अकेले हैं... बहनें मारी जा रही हैं... और हम सब बस देख रहे हैं... ये देश क्या हो गया? 🤕
Bhavesh Makwana
दिसंबर 15, 2025 AT 09:41 पूर्वाह्नइमरान खान का मामला दर्शाता है कि जब एक व्यक्ति अपने लक्ष्य के लिए इतना लड़ता है, तो उसके खिलाफ जो भी शक्ति उठती है, वो उसे नष्ट करने के लिए भी तैयार हो जाती है। लेकिन इतिहास हमेशा उन्हें याद रखता है जो न्याय के लिए लड़े।
lakshmi shyam
दिसंबर 16, 2025 AT 23:02 अपराह्नइमरान खान को जेल में रखना बिल्कुल सही है। उसने देश को धोखा दिया। अब उसकी बहनों को मारपीट करना भी ठीक है। वो भी उसके साथी हैं।
Abhinav Rawat
दिसंबर 18, 2025 AT 13:57 अपराह्नइमरान खान के खिलाफ सभी मामले एक बड़े न्यायिक अभियान का हिस्सा हैं। लेकिन जब एक व्यक्ति को तीन दशकों की सजा दी जाती है, तो यह सिर्फ न्याय नहीं, बल्कि एक राजनीतिक अभियान है। जेल में उसे अकेला रखना, उसके परिवार को रोकना, डॉक्टरों को नहीं देना - ये सब एक तानाशाही के लक्षण हैं। एक देश जहां एक पूर्व प्रधानमंत्री को इतना तानाशाही तरीके से व्यवहार किया जा रहा है, वहां लोकतंत्र का अस्तित्व ही सवाल में है। यह न्याय नहीं, यह निर्ममता है। और जब निर्ममता को न्याय कहा जाने लगे, तो लोग अफवाहों में भाग लेने लगते हैं। क्योंकि वे जानते हैं कि असली बात छिपाई जा रही है।
Shashi Singh
दिसंबर 19, 2025 AT 21:58 अपराह्नये बस शुरुआत है... ISI ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाया है... इमरान को एक ऐसे कमरे में रखा गया है जहां वो धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खो रहा है... और उसके दिमाग को एक ऐसे यंत्र से जोड़ दिया गया है जो उसके विचारों को रिकॉर्ड कर रहा है... और ये रिकॉर्ड किसी और देश को भेजे जा रहे हैं... अमेरिका के लिए... और अब वो उसके विचारों का इस्तेमाल कर रहे हैं... इमरान खान को अब कोई नहीं बचा सकता... लेकिन अगर उसकी आवाज बाहर आ जाए... तो दुनिया जाग जाएगी...
Surbhi Kanda
दिसंबर 21, 2025 AT 13:51 अपराह्नजेल प्रशासन की अनिश्चितता एक न्यायिक असफलता है। इमरान खान के अधिकारों की रक्षा करना न्याय की नींव है। यदि न्याय निष्पक्ष नहीं है, तो वह अन्याय है।
Sandhiya Ravi
दिसंबर 22, 2025 AT 13:16 अपराह्नउम्मीद है इमरान खान ठीक होंगे... और उनकी बहनों को जल्दी से मिल जाए... बस इतना ही चाहिए... इंसानियत का एक छोटा सा अधिकार...