ब्रिटिश गायक-गीतकार एड शीरन ने एक अप्रत्याशित लाइव परफॉर्मेंस के लिए बेंगलुरु की चर्च स्ट्रीट को चुना और एक आश्चर्य का तत्व जोड़ा, लेकिन यह सरप्राइज़ भी पुलिस के एक्शन से रोका गया। यह घटना रविवार, 9 फरवरी, 2025 की है, जब एड शीरन ने चर्च स्ट्रीट के पास एम जी रोड मेट्रो स्टेशन के निकट अपनी परफॉर्मेंस शुरू की।
शीरन ने अपनी आकर्षक आवाज में लोगों को संबोधित किया और कई गाने पेश करने की योजना शेयर की। हालांकि, बाद में उन्होंने एक गाना, ‘शेप ऑफ यू’, पेश करने के लिए खुद को सीमित कर लिया। भीड़ कुछ आनंद लेने ही वाली थी कि पुलिस ने आते ही उनकी परफॉर्मेंस के लिए उपयोग हो रहे माइक्रोफोन और गिटार को अनप्लग कर दिया। पुलिस का कहना था कि उन्हें इस परफॉर्मेंस के लिए पूर्वानुमति नहीं मिली थी।
इस दौरान शीरन, जिन्होंने अपनी मौजूदा मैथमेटिक्स टूर के लिए भारत का दौरा किया, ने पैशन से संगीत प्रस्तुत किया, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के कारण उनका प्रदर्शन महज कुछ सेकंड में ही समाप्त हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और दर्शकों में भ्रम पैदा हुआ। कई लोगों ने इसे कला के प्रति अनादर के रूप में भी देखा।
शीरन का कहना था कि उनकी टीम के पास सभी जरूरी अनुमतियाँ थीं। चर्च स्ट्रीट, जहां ये घटना हुई, अपने सांस्कृतिक आयोजनों और नाइटलाइफ के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन यहां सार्वजनिक परफॉर्मेंस के लिए अधिकारियों से पूर्वानुमति अनिवार्य है।
यह मामला दर्शाता है कि भले ही कलाकारों की क्रिएटिविटी और उत्साह बेवजह कहीं भी झलकती हो, लेकिन स्थानीय नियम और कानून का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उनके पास सार्वजनिक उपद्रव की शिकायतें थीं, जिनके चलते यह कार्रवाई करनी पड़ी।
9 टिप्पणि
pk McVicker
फ़रवरी 10, 2025 AT 16:04 अपराह्नबस थोड़ा संगीत और पुलिस आ गई 😑
Shalini Thakrar
फ़रवरी 12, 2025 AT 07:58 पूर्वाह्नये जो लोग बोल रहे हैं कि एड शीरन ने अनुमति नहीं ली, वो शायद नहीं जानते कि बेंगलुरु की चर्च स्ट्रीट तो एक फ्री स्पेस है - यहाँ हर रात कोई न कोई आर्टिस्ट गाता है, डांस करता है, ब्रेकडांस भी करता है। ये सब एक लाइव कल्चरल इकोसिस्टम है। अगर अनुमति चाहिए तो शहर के सांस्कृतिक नियमों को रिवाइज करना पड़ेगा, न कि गिटार अनप्लग करना। 🎸💥
Laura Balparamar
फ़रवरी 12, 2025 AT 20:43 अपराह्नपुलिस ने जो किया, वो बिल्कुल गलत था। ये लोग तो बस अपनी एग्ज़िस्टेंस को जाहिर कर रहे थे - एक गाना, एक जज़्बा, एक शेयर करने का मौका। इस तरह के एक्शन से शहर की क्रिएटिविटी मर रही है। अगर ये एक बड़े कॉन्सर्ट का मामला होता तो शायद चुप रहते, लेकिन छोटे आर्टिस्ट्स को दबाने की आदत बन गई है।
Shivam Singh
फ़रवरी 14, 2025 AT 06:28 पूर्वाह्नअनुमति थी तो फिर क्यों अनप्लग किया? 😅 शायद वो माइक्रोफोन भी बिना लाइसेंस चल रहा था। पुलिस वालों के पास तो बस एक ही रिस्पॉन्स होता है - रोक दो। बाकी सब बाद में सोचेंगे।
Vineet Tripathi
फ़रवरी 15, 2025 AT 08:56 पूर्वाह्नअसल में ये सब बहुत दुखद है। एड शीरन जैसे गायक आए तो लोग खुश हो जाते हैं, लेकिन अधिकारी डर जाते हैं कि भीड़ बढ़ जाएगी। बेंगलुरु में तो रात को गलियों में भी गाने गाए जाते हैं, लेकिन अब वो भी नियमों के नाम पर बंद हो रहे हैं। शहर की जान तो यही है - अचानक आए गाने, अचानक बने यादें।
Subham Dubey
फ़रवरी 16, 2025 AT 03:37 पूर्वाह्नयह घटना एक व्यवस्थित नियंत्रण योजना का हिस्सा है। आधुनिक शहरी नियंत्रण तंत्र, जो सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को दबाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, अब इस तरह के सांस्कृतिक अभियानों को अवैध घोषित करके अपनी अधिकारिता को स्थापित कर रहे हैं। इसके पीछे शायद एक गहरा राजनीतिक इरादा है - जनता को निष्क्रिय बनाना।
Piyush Raina
फ़रवरी 17, 2025 AT 15:11 अपराह्नइस तरह की घटनाओं में हमें दो चीजें देखनी चाहिए - एक तो कलाकार की इच्छा जो लोगों के बीच आना चाहता है, दूसरी शहर की व्यवस्था जो व्यवस्थित रहना चाहती है। लेकिन अगर हम दोनों के बीच संवाद नहीं बनाते, तो हमेशा यही टकराव होता रहेगा। शायद एक सांस्कृतिक फेसिलिटेटर की जरूरत है - जो अनुमति के बजाय समझ बनाए।
Dipak Moryani
फ़रवरी 18, 2025 AT 03:43 पूर्वाह्नअगर ये लाइव परफॉर्मेंस अनुमति के बिना हुई, तो पुलिस का काम था उसे रोकना। लेकिन अगर अनुमति थी, तो ये बहुत बुरा हुआ। वीडियो देखो - लोग खुश थे, बच्चे नाच रहे थे। इस तरह के लम्हों को नहीं मारना चाहिए।
Rajeev Ramesh
फ़रवरी 18, 2025 AT 22:39 अपराह्नसार्वजनिक स्थानों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए अनुमति अनिवार्य है, जो शहरी व्यवस्था के लिए आवश्यक है। यह एक नियम है, और नियमों का पालन अनिवार्य है। भले ही एड शीरन एक वैश्विक स्टार हों, लेकिन भारत के नियमों के सामने सभी बराबर हैं।